Friday, 21 February 2020

क्यों दिल के अरमां आंसुओं में बह गए?


क्यों दिल के अरमां आंसुओं में बह गए?

तुम वफा करके भी तंहा रह गए।

क्यों दिल के अरमां आंसुओं में बह गए?
शायद मेरा आखरी हो हर सितम।

शायद मेरा आखरी हो हर सितम।

हर सितम यह सोचकर तुम शाह गए।

क्यों दिल के अरमां आंसुओं में बह गए?
खुद को भी तुमने मिटा डाला मगर

खुद को भी तुमने मिटा डाला मगर

फासले जो दरमियां थे रह गए।

क्यों दिल के अरमां आंसुओं में बह गए?l

No comments:

Post a Comment